अर्जुनस्य शीघ्रप्रयाणं भीम-शकुनियुद्धं च
Arjuna’s Rapid Advance and the Bhīma–Śakuni Encounter
प्रत्यदृश्यत् ततः कर्ण: पज्चालांस्त्वरितो ययौ | उस समय पाण्डवों तथा हमलोगोंमेंसे कोई भी योद्धा युद्धसे मुँह फेरकर पीछे हटता नहीं दिखायी दिया। तब कर्णने तुरंत ही पांचालोंपर आक्रमण किया ।। ४० $ ।। तस्मिन् क्षणे नरश्रेष्ठ गजवाजिजनक्षय:
pratyadṛśyat tataḥ karṇaḥ pāñcālāṁs tvarito yayau |
三阇耶说道:见般度诸子与我方诸军中无人显出退意,迦尔纳当即疾驰,直扑般遮罗军,挟着战争不息的势头,逼迫战斗向前推进。
संजय उवाच