Karṇa-parva Adhyāya 19 — Saṃśaptaka–Trigarta Assault and Aindra-astra Counter
तान् शरानच्छिनत् पाण्ड्यो नवभिन्निशितैः शरै: । चतुर्भिरर्दयच्चाश्वानाशु ते व्यसवो5भवन्,परंतु पाण्ड्यनरेशने नौ तीखे सायकोंद्वारा उन सब बाणोंके टुकड़े-टुकड़े कर दिये। फिर चार बाणोंसे उसके अश्वोंको अत्यन्त पीड़ा दी, जिससे वे शीघ्र ही अपने प्राण छोड़ बैठे
然而般度耶王以九支锋利之箭将那些箭矢尽数斩断。继而又以四箭重创其马,使之痛楚难当,不多时便气绝倒毙。
संजय उवाच