Vāsudeva-Māhātmya: Duryodhana’s Inquiry and Bhīṣma’s Theological Account of Keśava
तस्य तत् पूजयामास लाघवं शान्तनो: सुतः । साधु पार्थ महाबाहो साधु भो: पाण्डुनन्दन,अर्जुनकी इस फुर्तीको देखकर शान्तनुनन्दन भीष्मने बड़ी प्रशंसा की और कहा --“महाबाहु कुन्तीकुमार! तुम्हें साधुवाद। पाण्डुनन्दन! धन्यवाद। बेटा! तुम्हारी इस फुर्तीसे मैं बहुत प्रसन्न हूँ। धनंजय! यह महान् कर्म तुम्हारे ही योग्य है। तुम मेरे साथ युद्ध करो”
tasya tat pūjayāmāsa lāghavaṁ śāntanoḥ sutaḥ | sādhu pārtha mahābāho sādhu bhoḥ pāṇḍunandana |
见其身手迅捷,圣檀努之子毗湿摩便称赞道:“善哉,帕尔塔,大臂勇士!善哉,般度之子!”
संजय उवाच