गौरुडव्यूह-रचना तथा अर्धचन्द्र-प्रत्यव्यूह
Garuḍa Array and the Ardhacandra Counter-Formation
भीष्म॑ं समभिदुद्राव जलौघ इव पर्वतम् । उस समय उनकी आँखें क्रोधसे लाल हो रही थीं। वे हाथमें दण्ड लिये यमराजके समान जान पड़ते थे। जैसे महान् जलप्रवाह किसी पर्वतसे टकराता हो, उसी प्रकार वे गदा लिये भीष्मकी ओर दौड़े ।। ९० है ।। तस्य वेगमसंवार्य मत्वा भीष्म: प्रतापवान्
湿吠多冲向毗湿摩,犹如洪流奔涌撞击高山。那时他双目因怒而赤红,手执杖棍,宛若阎摩王降临。正如巨大的水势冲击山岳一般,他持着钉锤向毗湿摩疾驰而去。
संजय उवाच