भीष्मविक्रमदर्शनं तथा क्रौञ्चारुणव्यूहविधानम् | Bhīṣma’s Ascendancy and the Organization of the Krauñcāruṇa Formation
सम्बन्ध-- अब तीन “लोकोंगें क्रमसे उपर्युक्त तीन प्रकारके त्यायोंके लक्षण बतलाते हैं नियतस्य तु संन्यास: कर्मणो नोपपद्यते । मोहात् तस्य परित्यागस्तामस: परिकीर्तित:,(निषिद्ध और काम्य कर्मोंका तो स्वरूपसे त्याग करना उचित ही है) परंतु नियत कर्मका स्वरूपसे त्याग उचित नहीं हैः। इसलिये मोहके कारण उसका त्याग कर देना तामस त्याग कहा गया हैः
niyatasya tu saṃnyāsaḥ karmaṇo nopapadyate | mohāt tasya parityāgas tāmasaḥ parikīrtitaḥ ||
然而,舍弃所规定的本分之业并不相宜;若有人因迷妄(moha)而抛却此等行为,那样的舍弃被称为昏暗性(tāmasa)的舍弃。
अजुन उवाच