Rāja-Vidyā Rāja-Guhya Yoga (राजविद्या राजगुह्य योग) — The Yoga of Royal Knowledge and Royal Secret
सम्बन्ध-- जब भगवान् इतने प्रेमी और दयासागर हैं कि जिस-किसी प्रकारसे भी भजनेवालेको अपने स्वरूपकी प्राप्ति करा ही देते हैं. तो फिर सभी लोग उनको क्यों नहीं भजते, इस जिज्ञासापर कहते हैं अव्यक्तं व्यक्तिमापन्नं मन्यन्ते मामबुद्धय: । परं भावमजानन्तो ममाव्ययमनुत्तमम्
既然世尊如此慈爱,乃悲悯之海,无论以何种方式礼敬者,终能蒙其引导而得其本体;那么众人为何不皆来礼敬?对此,世尊说道:“无智之人以为我这不显者(avyakta)已成显现者(vyakta);他们不知我那至上、无坏、无与伦比之真实本性。”
अजुन उवाच