भीष्मव्यूहदर्शनम् / Viewing Bhīṣma’s Battle Array and Arjuna’s Reassurance
व्यूहं भीष्मेण चाभेद्यं कल्पितं प्रेक्ष्य पाण्डव: । अक्षोभ्यमिव सम्प्रेक्ष्य विवर्णोडर्जुनमब्रवीत्,भीष्मने जिस व्यूहकी रचना की थी, उसका भेदन करना असम्भव था। उसे अक्षोभ्य- सा देखकर पाण्डुनन्दन युधिष्ठिरकी अंगकान्ति फीकी पड़ गयी। वे अर्जुनसे इस प्रकार बोले--
般度之子由提施提罗见毗湿摩所设之阵坚不可破,仿佛不可撼动,面色顿时失去血色。随后他对阿周那说道——
संजय उवाच