येनासि बहुशो राज्ञा चोदित: सूतनन्दन । “उत्तम व्रतका पालन करनेवाले वीर! मैं कभी-कभी तुमसे जो कठोर वचन बोल दिया करता था
“苏陀之子啊,守持上等誓戒的勇士!我有时对你说过严厉之言,其意并非要摧折你的锐气与威光;而是因为,苏陀之子啊,你受难敌王的煽动,屡屡无端指摘、攻讦诸般度瓦。”
संजय उवाच