Śākadvīpa–Pramāṇa–Varṇana
Measurements and Description of Śākadvīpa
सर्वमुक्तं यथातत्त्वं तस्माच्छममवाप्रुहि । भारत! यहाँ सूर्यका प्रमाण बताया गया, इन दोनोंसे अधिक विस्तार रखनेके कारण राहु यथासमय इन सूर्य और चन्द्रमाको आच्छादित कर लेता है। महाराज! आपके प्रश्नके अनुसार शास्त्रदृष्टिसे ग्रहोंके विषयमें संक्षेपसे बताया गया। ये सारी बातें मैंने आपके सामने यथार्थरूपसे उपस्थित की हैं। अतः आप शान्ति धारण कीजिये || ४६-४७ ह ।। यथोद्दिष्टं मया प्रोक्ते सनिर्माणमिदं जगत्
sarvam uktaṁ yathā-tattvaṁ tasmāc chamaṁ avāpruhi | bhārata! yathā-uddiṣṭaṁ mayā prokte sa-nirmāṇam idaṁ jagat |
桑阇耶说道:“我已将一切如实宣说;因此,婆罗多啊,复得宁静吧。正如我先前所示,我已叙述此宇宙及其秩序与成构。”
संजय उवाच