भीष्मवधोपाय-प्रश्नः (Inquiry into the means to overcome Bhīṣma) | Chapter 103
ऑपनआक्राता बछ। 2 शततमो< ध्याय: द्रौपदीके पाँचों पुत्रों और अभिमन्युका राक्षस हक इक षके साथ घोर युद्ध एवं अभिमन्युके द्वारा नष्ट होती हुई - सेनाका युद्धभूमिसे पलायन संजय उवाच अभिमन्यू रथोदार: पिशड्रैस्तुरगोत्तमै: । अभिदुद्राव तेजस्वी दुर्योधनबलं महत्,संजय कहते हैं--राजन! रथियोंमें श्रेष्ठ तेजस्वी अभिमन्यु पिंगल वर्णवाले श्रेष्ठ घोड़ोंसे जुते हुए रथद्वारा दुर्योधनकी विशाल सेनापर टूट पड़ा
sañjaya uvāca | abhimanyū rathodāraḥ piśaṅgais turagottamaiḥ | abhidudrāva tejasvī duryodhanabalaṃ mahat ||
三阇耶说道:大王啊,光辉夺目的阿毗曼纽——车战勇士中之翘楚——乘坐华美战车,驾以优良的黄褐骏马,径直冲向都利约陀那那浩大的军阵。
संजय उवाच