Vyāsa’s Arrival at Janamejaya’s Sarpasatra; Commissioning of Vaiśaṃpāyana’s Recital (व्यासागमनम्)
आस्तीक उवाच कि निमित्तं मम पितुर्दत्ता त्वं मातुलेन मे । तन्ममाचदक्ष्व तत्त्वेन श्रुत्वा कर्तास्मि तत् तथा,आस्तीकने पूछा--माँ! मामाजीने किस निमित्तको लेकर पिताजीके साथ तुम्हारा विवाह किया था? वह मुझे ठीक-ठीक बताओ। उसे सुनकर मैं उसकी सिद्धिके लिये प्रयत्न करूँगा
阿斯提迦说道:“母亲!我的舅父因何缘故将你许配给我父亲?请如实、详明地告诉我。待我听明白了,必将竭力使其如愿成就。”
आस्तीक उवाच