बक-राक्षसस्य आह्वानम् तथा वृक्षयुद्धम्
Summons of Baka and the Tree-Weapon Engagement
एको वृक्षो हि यो ग्रामे भवेत् पर्णफलान्वित: । चैत्यो भवति निर्ज्ञातिरर्चनीय: सुपूजित:,'गाँवमें यदि एक ही वृक्ष पत्र और फल-फूलोंसे सम्पन्न हो तो वह दूसरे सजातीय वृक्षोंसे रहित होनेपर भी चैत्य (देववृक्ष) माना जाता है तथा उसे पूज्य मानकर उसकी खूब पूजा की जाती है
若一村之中唯有一树,叶茂花繁、果实累累,即便无同类之树相伴,也被视为“制多”(caitya)之圣树,受人敬奉,备受供养。
वैशम्पायन उवाच