Hiḍimba’s Approach and Hiḍimbā’s Warning to Bhīmasena (हिडिम्बागमनम् / हिडिम्बा-भयवचनम्)
तमागतमभिप्रेत्य शृगालो<प्यब्रवीद् वच: । बाघने कहा--यदि वह ऐसी बात कहता है, तब तो उसने इस समय मेरी आँखें खोल दीं--मुझे सचेत कर दिया। आजसे मैं अपने ही बाहुबलके भरोसे वन-जन्तुओंका वध किया करूँगा और उन्हींका मांस खाऊँगा। यों कहकर बाघ वनमें चला गया। इसी समय चूहा भी (नहा-धोकर) वहाँ आ पहुँचा। उसे आया देख गीदड़ने कहा
tam āgatam abhipretya śṛgālo 'py abravīd vacaḥ |
豺狼见他到来,洞悉其意,也开口说道这些话。(叙事承接:老虎把先前的劝言当作当头棒喝,决意自今日起只凭自身臂力猎杀林中群兽,以其肉为食;说罢便入林而去。正当此时,老鼠也来到那里;豺狼见它到来,便对它说道。)
व्याप्र उवाच