आदि पर्व, अध्याय 139 — Hiḍimba’s Detection and Hiḍimbā’s Approach to Bhīma
द्रोणेनेव विनीतश्च भ्रातृणां नकुल: प्रिय: । चित्रयोधी समाख्यातो बभूवातिरथोदित:,सहदेव भी उस समय द्रोणके रूपमें अवतीर्ण देवताओंके आचार्य बृहस्पतिसे सम्पूर्ण नीतिशास्त्रकी शिक्षा पाकर नीतिमान् हो अपने भाइयोंके अधीन (अनुकूल) होकर रहते थे। नकुलने भी द्रोणाचार्यसे ही अस्त्र-शस्त्रोंकी शिक्षा पायी थी। वे अपने भाइयोंको बहुत ही प्रिय थे और विचित्र प्रकारसे युद्ध करनेमें उनकी बड़ी ख्याति थी। वे अतिरथी वीर कहे जाते थे
droṇeneva vinītaś ca bhrātṝṇāṃ nakulaḥ priyaḥ | citrayodhī samākhyāto babhūvātirathoditaḥ ||
毗湿摩耶那说道:那俱罗仿佛亲受德罗那教诲一般,守礼有度,品行端正,为诸兄弟所钟爱。他以多变而精妙的战法名闻遐迩,并被誉为“阿底罗他”(atiratha)——卓绝的战车勇士。
वैशम्पायन उवाच