Vāraṇāvata-prasaṃsā and the Pāṇḍavas’ Departure (वरणावत-प्रशंसा तथा पाण्डव-प्रयाणम्)
क्रीडन्तो वीटया तत्र वीरा: पर्यचरन् मुदा । पपात कूपे सा वीटा तेषां वै क्रीडतां तदा,इस प्रकार द्रोणने वहाँ अपने आपको छिपाये रखकर कुछ कालतक निवास किया। तदनन्तर एक दिन कौरव-पाण्डव सभी वीर कुमार हस्तिनापुरसे बाहर निकलकर बड़ी प्रसन्नताके साथ मिलकर वहाँ गुल्ली-डंडा खेलने लगे। उस समय खेलमें लगे हुए उन कुमारोंकी वह बीटा कुएँमें गिर पड़ी
Vaiśaṃpāyana uvāca |
krīḍanto vīṭayā tatra vīrāḥ paryacaran mudā |
papāta kūpe sā vīṭā teṣāṃ vai krīdatāṃ tadā ||
在那里,少年英雄们欢然往来,以“毗吒”(vīṭā,游戏用的木棒/短棍)嬉戏。正当他们沉浸其间,那根毗吒却坠入井中。
वैशग्पायन उवाच