उत्तरो बृहन्नडां सारथ्याय नियुङ्क्ते — Uttara Appoints Bṛhannadā as Charioteer
दृष्टवा भूमिंजयं नाम पुत्र मत्स्यस्य मानिनम् | तस्मै तत् सर्वमाचष्ट राष्ट्स्य पशुकर्षणम्,वहाँ मत्स्यराजके मानी पुत्र भूमिंजय (उत्तर) से मिलकर उस गोपने उनसे राज्यके पशुओंके अपहरणका सब समाचार बताते हुए कहा--“राजकुमार! आप इस राष्ट्रकी वृद्धि करनेवाले हैं। आज कौरव आपकी साठ हजार गौओंको हाँक ले जा रहे हैं। उनके हाथसे उस गोधनको जीत लानेके लिये उठ खड़े होइये
dṛṣṭvā bhūmiṃjayaṃ nāma putraṃ matsyasya māninam | tasmai tat sarvam ācakṣṭa rāṣṭrasya paśukarṣaṇam ||
وہاں مَتسیہ راجہ کے مغرور بیٹے بھومیَنجَے (اُتّر) کو دیکھ کر اس نے مملکت کے مویشی ہانک کر لے جانے کی پوری خبر اسے سنائی۔ پھر شاہی فرض یاد دلا کر کہا کہ کورو گودھن لے جا رہے ہیں—اُٹھو اور اسے جیت کر واپس لے آؤ۔
वैशमग्पायन उवाच