युधिछिर उवाच अज्ञानेनावृतो लोकस्तमसा न प्रकाशते । लोभात् त्यजति मित्राणि संगात् स्वर्ग न गच्छति,युधिष्ठिर बोले--जगत् अज्ञानसे ढका हुआ है, तमोगुणके कारण वह प्रकाशित नहीं होता, लोभके कारण मनुष्य मित्रोंको त्याग देता है और आसक्तिके कारण स्वर्गमें नहीं जाता
یُدھشٹھِر نے کہا—دنیا جہالت سے ڈھکی ہوئی ہے؛ تمس کے سبب وہ روشن نہیں ہوتی؛ لالچ سے انسان دوستوں کو چھوڑ دیتا ہے؛ اور وابستگی کے سبب سَورگ کو نہیں پہنچتا۔
युधिछिर उवाच