कृष्णेन विदुरं प्रति आगमन-हेतु-निवेदनम् / Krishna explains the purpose of his coming to Vidura
निश्चितं धार्तराष्ट्राणां सकर्णानां जनार्दन । भीष्मद्रोणमुखान् पार्था न शक्ता: प्रतिवीक्षितुम्,“'जनार्दन! धृतराष्ट्रके सभी पुत्रों तथा कर्णकी यह निश्चित धारणा है कि कुन्तीके पुत्र भीष्म एवं द्रोणाचार्य आदि वीरोंकी ओर देखनेमें भी समर्थ नहीं हैं
اے جناردن! دھرتراشٹر کے بیٹوں اور کرن کا یہ پختہ یقین ہے کہ کنتی کے بیٹے پانڈو بھیشم اور درون آچاریہ وغیرہ نامور سورماؤں کی طرف دیکھنے تک کے قابل نہیں۔
वैशम्पायन उवाच