अध्याय ८२ — केशवप्रयाणे निमित्तदर्शनम्
Omens and Reception During Keśava’s Departure
यदस्माकं विभो वृत्तं पुरा वै मन्त्रनिश्चये । अर्धराज्यस्य गोविन्द विदितं सर्वराजसु,“गोविन्द! पहले जब हमलोगोंमें गुप्त मन्त्रणा हुई थी, उस समय एक निश्चित सिद्धान्तपर पहुँचकर हमने आधा राज्य लेकर ही संधि करनेका निर्णय किया था; इस बातको सभी राजा जानते हैं
اے وِبھُو گووند! پہلے جب ہماری خفیہ مشاورت میں فیصلہ طے پایا تھا، تب ہم نے آدھا راج لے کر ہی صلح کرنے کا ارادہ کیا تھا؛ یہ بات سب راجاؤں کو معلوم ہے۔
युधिष्ठिर उवाच