ये सम काले सुमनस: सर्वे वृद्धानुपासते । सिंहगुप्तमिवारण्यमप्रधृष्या भवन्ति ते,जो शुद्ध हृदयवाले मनुष्य समय-समयपर बड़े-बूढ़ोंकी सेवा एवं संग करते रहते हैं, वे सिंहसे सुरक्षित वनके समान दूसरोंके लिये दुर्धर्ष हो जाते हैं (शत्रु उनके पास आनेका साहस नहीं करते हैं)
جو پاک دل اور نیک نیت لوگ وقتاً فوقتاً بزرگوں کی خدمت و صحبت کرتے ہیں، وہ شیر کے محفوظ کیے ہوئے جنگل کی مانند ناقابلِ دست درازی ہو جاتے ہیں۔
विदुर उवाच