Udyoga-parva Adhyāya 47 — Arjuna’s Deterrent Declaration
Sañjaya’s Report
संजय उवाच दुर्योधनो वाचमिमां शृणोतु यदब्रवीदर्जुनो योत्स्यमान: । युधिष्ठिरस्यानुमते महात्मा धनंजय: शृण्वत: केशवस्य,संजय बोला--राजन्! युधिष्ठिरकी आज्ञासे युद्धके लिये उद्यत हुए महात्मा अर्जुनने भगवान् श्रीकृष्णके सुनते-सुनते जो बात कही है, उसे दुर्योधन सुनें
سنجے نے کہا—اے راجن! یُدھشٹھِر کی اجازت سے جنگ کے لیے آمادہ مہاتما دھننجے ارجن نے، کیشو کے سنتے سنتے جو بات کہی، دُریودھن اب اُسے سنے۔
संजय उवाच