Amba’s Disclosure of Prior Choice (Śālva) and Appeal to Bhīṣma — Chapter 171
एते रथाश्चातिरथाश्ष तुभ्यं यथाप्रधानं नृप कीर्तिता मया । तथापरे ये<र्धरथाश्न केचित् तथैव तेषामपि कौरवेन्द्र,राजन! इस प्रकार मैंने तुम्हारे इन मुख्य-मुख्य रथियों और अतिरथियोंका वर्णन किया है। इनके सिवा, जो कोई अर्धरथी हैं, उनका भी परिचय दिया है। कौरवेन्द्र! इसी प्रकार पाण्डवपक्षके भी रथी आदिका दिग्दर्शन कराया गया है
ete rathāś cātirathāś ca tubhyaṃ yathāpradhānaṃ nṛpa kīrtitā mayā | tathāpare ye ’rdharathāḥ kecit tathaiva teṣām api kauravendra rājan ||
اے راجَن! میں نے اہمیت کے مطابق تمہیں اِن رتھیوں اور اَتِرَتھیوں کا بیان کیا؛ اور جو کچھ دوسرے ‘اَردھ رتھی’ شمار ہوتے ہیں، اُن کا بھی اسی طرح ذکر کر دیا ہے، اے کوروؤں کے سردار۔
भीष्म उवाच