भीष्म–दुर्योधनसंवादः — शिखण्डिनं न हन्तुं कारणकथनम्
Amba-ākhyāna prologue
सर्व एव रथोदारा: सर्वे चाहवलक्षणा: । सर्वस्त्रिविदुष: सर्वे महात्मानो मता मम,सुकुमार, काशिक, नील, सूर्यदत्त, शंख और मदिराश्व नामक ये सभी योद्धा उदार रथी हैं। युद्ध ही इन सबका शौर्यसूचक चिह्न है। मैं इन सभीको सम्पूर्ण अस्त्रोंके ज्ञाता और महामनस्वी मानता हूँ
sarva eva rathodārāḥ sarve cāhavalakṣaṇāḥ | sarvāstravidaḥ sarve mahātmāno matā mama ||
یہ سب کے سب عالی رَتھی ہیں؛ جنگ ہی ان کی شناخت ہے۔ میرے نزدیک یہ سب ہر طرح کے اسلحے کے ماہر اور عظیم النفس ہیں۔
भीष्म उवाच