संरक्ष्यान् पालयेद् राजा स राजा राजसत्तम: | ये केचित् तान् न रक्षन्ति तैर्थों नास्ति कश्चन,जो रक्षा करनेके योग्य पुरुषोंकी रक्षा करता है, वही राजा समस्त राजाओंमें शिरोमणि है। जो रक्षाके पात्र मनुष्योंकी रक्षा नहीं करते, उन राजाओंकी जगत्को कोई आवश्यकता नहीं है
جو بادشاہ حفاظت کے لائق مردوں کی حفاظت کرتا ہے، وہی سب بادشاہوں میں افضل ہے۔ اور جو حفاظت کے مستحق لوگوں کی حفاظت نہیں کرتے، ایسے بادشاہوں کی دنیا کو کوئی ضرورت نہیں۔
भीष्म उवाच