अज्ञान–लोभयोः परस्परहेतुत्वम्
Mutual Causality of Ignorance and Greed
कालोदकं च गन्तासि लब्धायुर्जीविते पुन: । सरस्वतीदृषद्वत्यो: संगमो मानस: सर:,उसमें स्नान करने और उसका जल पीनेसे मनुष्यको कल ही होनेवाली मृत्युका भय नहीं सताता अर्थात् वह कृतकृत्य हो जाता है। इस कारण मरनेसे नहीं डरता। यदि तुम महासरोवर पुष्कर, प्रभास, उत्तर मानस, कालोदक, दृषद्गवती और सरस्वतीके संगम तथा मानसरोवर आदि तीर्थोमें जाकर स्नान करोगे तो तुम्हें पुन: अपने जीवनके लिये दीर्घायु प्राप्त होगी
śaunaka uvāca | kālodakaṃ ca gantāsi labdhāyur jīvite punaḥ | sarasvatīdṛṣadvatyoḥ saṅgamo mānasaḥ saraḥ |
شَونَک نے کہا— تم کالودک بھی جاؤ؛ وہاں عمر پا کر پھر زندگی قائم رہے گی۔ سرسوتی اور دِرشَدْوَتی کے سنگم، اور ‘مانس’ نامی جھیل (کی طرف بھی جاؤ)۔
शौनक उवाच