Duryodhana’s Post-Duel Lament and Instructions (भग्नसक्थस्य विलापः)
यथा मूढो भवान् पूर्वमस्मिन्नर्थे समुद्यते । किमन्यत् कालयोगाद्धि दिष्टमेव परायणम्,'भारत! जिनका चित्त कालके प्रभावसे दूषित हो जाता है, वे सब लोग मोहमें पड़ जाते हैं। जैसे कि पहले युद्धकी तैयारीके समय आपकी भी बुद्धि मोहित हो गयी थी। इसे कालयोगके सिवा और क्या कहा जा सकता है? भाग्य ही सबसे बड़ा आश्रय है
yathā mūḍho bhavān pūrvam asminn arthe samudyate | kim anyat kālayogād dhi diṣṭam eva parāyaṇam ||
جس طرح پہلے اسی معاملے میں—جنگ کی تیاری کے وقت—تم گمراہی میں جوش میں آ گئے تھے؛ اسے کالیوگ (زمانے کی کارفرمائی) کے سوا اور کیا کہا جائے؟ بے شک تقدیر ہی آخری سہارا ہے۔
वैशम्पायन उवाच