Duryodhana-śibira-praveśaḥ — The Pāṇḍavas Enter the Kaurava Camp; The Burning of Arjuna’s Chariot
निकृत्या यत् पराजैषीस्तस्मादसि हतो रणे | तुमने द्यूतक्रीड़ाके जानकार सुबलपुत्र शकुनिके द्वारा उस कलाको न जाननेवाले धर्मज्ञ युधिष्ठिरको, जो छलसे पराजित किया था, उसी पापसे तुम रणभूमिमें मारे गये हो ।। ४४ $ई || जयद्रथेन पापेन यत् कृष्णा क्लेशिता वने,त्वद्योषै्निहत: पाप तस्मादसि हतो रणे । जब पाण्डव शिकारके लिये तृणबिन्दुके आश्रमपर चले गये थे, उस समय पापी जयद्रथने वनके भीतर द्रौपदीको जो क्लेश पहुँचाया और पापात्मन! तुम्हारे ही अपराधसे बहुत-से योद्धाओंने मिलकर युद्धस्थलमें जो अकेले बालक अभिमन्युका वध किया था, इन्हीं सब कारणोंसे आज तुम भी रणभूमिमें मारे गये हो
nikṛtyā yat parājaiṣīs tasmād asi hato raṇe | jayadrathena pāpena yat kṛṣṇā kleśitā vane, tvad-doṣair nihataḥ pāpa tasmād asi hato raṇe ||
وایو نے کہا—تم نے فریب سے دوسروں کو شکست دی؛ اسی لیے تم رن میں مارے گئے۔ اور اس لیے بھی کہ گناہگار جےدرَتھ نے جنگل میں کرشنا (دروپدی) کو اذیت دی، اور تمہاری ہی خطا سے ابھمنیو کا گناہ آلود قتل انجام پایا—اسی سبب تم میدانِ جنگ میں گرا دیے گئے۔
वायुदेव उवाच