Gadāyuddhe Kṛṣṇopadeśaḥ (Kṛṣṇa’s Counsel in the Mace-Duel) — Śalya-parva 57
आविद्धयतो गदां तस्य भीमसेनस्य संयुगे । शब्द: सुतुमुलो घोरो मुहूर्त समपद्यत,राजन्! उस समय युद्धस्थलमें जब भीमसेन अपनी गदा घुमाने लगे, तब दर्शकोंने देखा, उनकी भारी गदा यमदण्डके समान भयंकर है। वह इन्द्रके वज़के समान ऊपर उठी हुई है और शत्रुको छिन्न-भिन्न कर डालनेमें समर्थ है। गदा घुमाते समय उसकी घोर एवं भयानक आवाज वहाँ दो घड़ीतक गूँजती रही
āviddhyato gadāṁ tasya bhīmasenasya saṁyuge | śabdaḥ sutumulo ghoro muhūrtaṁ samapadyata, rājan |
سنجے نے کہا—اے راجن! میدانِ جنگ میں جب بھیم سین نے اپنی گدا گھمائی تو نہایت ہی زوردار اور ہولناک آواز اٹھی اور کچھ دیر تک گونجتی رہی۔
संजय उवाच