Adhyāya 59: Vidura’s Admonition to Duryodhana after the Summons of Draupadī (सभा पर्व)
शकुनिरुवाच उपस्तीर्णा सभा राजन सर्वे त्वयि कृतक्षणा: । अक्षानुप्त्वा देवनस्य समयो<स्तु युधिष्ठिर,शकुनि बोला--महाराज युधिष्ठिर! सभामें पासे फेंकनेवाला वस्त्र बिछा दिया गया है, सब आपकी ही प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब पासे फेंककर जूआ खेलनेका अवसर मिलना चाहिये
شکُنی نے کہا— اے راجن یُدھِشٹھِر! سبھا میں جُوا کھیلنے کے لیے کپڑا بچھا دیا گیا ہے؛ سب لوگ آپ ہی کے منتظر ہیں۔ اب پانسے پھینک کر کھیل شروع کرنے کا وقت ہے۔
वैशम्पायन उवाच