कर्णनिधनवृत्तान्तनिवेदनम् | Reporting Karṇa’s Fall to Yudhiṣṭhira
भवेत् सत्यमवक्तव्यं वक्तव्यमनृतं भवेत् । यत्रानृतं भवेत् सत्यं सत्यं चाप्यनृतं भवेत्,जहाँ मिथ्या बोलनेका परिणाम सत्य बोलनेके समान मंगलकारक हो अथवा जहाँ सत्य बोलनेका परिणाम असत्यभाषणके समान अनिष्टकारी हो, वहाँ सत्य नहीं बोलना चाहिये। वहाँ असत्य बोलना ही उचित होगा
کبھی سچ ایسا ہوتا ہے کہ کہنا مناسب نہیں، اور کبھی جھوٹ کہنا ہی واجب ہو جاتا ہے—جہاں جھوٹ کا نتیجہ سچ کی طرح خیر و برکت لائے، اور جہاں سچ کا نتیجہ جھوٹ کی طرح ضرر و فساد لائے۔
श्रीकृष्ण उवाच