कर्णनिधनश्रवणम् — Hearing of Karṇa’s Fall and Dhṛtarāṣṭra’s Lament
महाराज! प्रहारकुशल दो हजार वसातिलोग और पराक्रमी शूरसेन--ये सब-के-सब युद्धमें मार डाले गये हैं ।। अभीषाहा: कवचिन: प्रहरन्तो रणोत्कटा: । शिबयश्न रथोदारा: कालिड्रसहिता हता:,रणमें उन्मत्त होकर प्रहार करनेवाले कवचधारी अभीषाह और उदार रथी शिबि--ये सब कलिंगराजसहित मारे गये हैं
اے مہاراج! وار میں ماہر دو ہزار وساتَیَ اور پرجوش شورسین—یہ سب کے سب جنگ میں مارے گئے۔ نیز رَن میں جوش سے وار کرنے والے زرہ پوش ابھیشاہ اور عالی رَتھی شِبی—یہ سب کالِنگ کے راجا سمیت ہلاک ہوئے۔
संजय उवाच