असिं चिक्षेप समरे सौभद्रस्य महात्मन: । आरुरोह रथं चैव हार्दिक्यस्य महाबल:,यशस्वी सुभद्राकुमार अभिमन्युसे पीड़ित एवं रथहीन होकर राजा अम्बष्ठ अपने रथसे कूद पड़े और महामना सुभद्राकुमारपर उन्होंने रणक्षेत्रमें तलवार चलायी। फिर वे महाबली नरेश कृतवर्माके रथपर जा बैठे
اس مہابلی نے میدانِ جنگ میں مہاتما سَوبھدر (ابھیمنیو) پر اپنی تلوار پھینکی، پھر ہاردِکیہ (کرت ورما) کے رتھ پر چڑھ بیٹھا۔
संजय उवाच