Daiva–Puruṣakāra Discourse and the Elephant-Corps Engagement (भीमगजानीक-सम्भ्रान्ति)
अपना बा | अकाल चतुष्पञ्चशत्तमो< ध्याय: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत- से सैनिकोंका संहार ध्ृतराष्र उवाच तथा प्रतिसमादिष्ट: कालिजड्रो वाहिनीपति: । 44५ | भीमसेनं महाबलम्,ष्रने पूछा--संजय! दुर्योधनकी वैसी आज्ञा पाकर सेनापति कलिंगराजने अद्भुत पराक्रमी महाबली भीमसेनके साथ किस प्रकार युद्ध किया?
dhṛtarāṣṭra uvāca | tathā pratisaṃādiṣṭaḥ kaliṅgādhipo vāhinīpatiḥ | bhīmasenaṃ mahābalaṃ kathaṃ yuyudhe sañjaya ||
دھرتراشٹر نے کہا: اے سنجے! دُریودھن کی ایسی ہدایت پا کر لشکر کے سالار، کلنگ کے راجا نے اس مہابلی بھیم سین کے ساتھ میدانِ جنگ میں کس طرح مقابلہ کیا؟
ध्ृतराष्र उवाच