Yuga-Lakṣaṇa and Varṣa-Pramāṇa Inquiry (युगलक्षण–वर्षप्रमाण–प्रश्न)
शकक््यन्ते परिसंख्यातुं पुण्यास्ता हि सरिद्वरा: । तव पुण्या जनपदाश्षत्वारो लोकसम्मता:,वहाँ लाखों ऐसी नदियाँ हैं, जिनसे जल लेकर इन्द्र वर्षा करते हैं। उनके नाम और परिमाणकी संख्या बताना कठिन ही नहीं, असम्भव है। वे सभी श्रेष्ठ नदियाँ परम पुण्यमयी हैं। उस द्वीपमें लोकसम्मानित चार पवित्र जनपद हैं
śakyante parisaṅkhyātuṃ puṇyāstā hi saridvarāḥ | tava puṇyā janapadāś catvāro lokasammatāḥ ||
وہ برتر اور نہایت مقدّس ندیاں گنی نہیں جا سکتیں؛ اُن کی پوری گنتی کرنا ناممکن ہے۔ اور اُس جزیرہ نما خطّے میں دنیا بھر میں معزّز چار پاکیزہ جنپد (صوبے) بھی ہیں۔
संजय उवाच