भीष्मरक्षण-प्रकरणम् / The Protective Screen around Bhīṣma and the Śalya–Yudhiṣṭhira Clash
राज्ञ: समाज्ञापयत सेनां योजयतेति ह । अद्य भीष्मो रणे क्रुद्धों निहनिष्यति सोमकान्,भूपाल! वहाँ जाकर राजाने सुखसे रात बितायी और सबेरा होनेपर उसने प्रात:काल उठकर राजाओंको यह आज्ञा दी--'राजसिंहो! तुम सब लोग सेनाको युद्धके लिये तैयार करो, आज पितामह भीष्म रणभूमिमें कुपित होकर सोमकोंका संहार करेंगे”
sañjaya uvāca | rājñaḥ samājñāpayat senāṃ yojayateti ha | adya bhīṣmo raṇe kruddho nihaniṣyati somakān bhūpāla |
بادشاہ نے حکم دیا: “لشکر کو صف آرا کرو۔” کیونکہ آج میدانِ جنگ میں غضبناک بھیشم سومکوں کو تہہ تیغ کریں گے۔
संजय उवाच