भीष्मरक्षण-प्रकरणम् / The Protective Screen around Bhīṣma and the Śalya–Yudhiṣṭhira Clash
[दाक्षिणात्य अधिक पाठके २ ३ श*लोक मिलाकर कुल ४५ ६ “लोक हैं।] 30:22 धन हि कमी अष्टनवतितमोब् ध्याय: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था संजय उवाच वाक् शल्यैस्तव पुत्रेण सो5तिविद्धों महामना: । दुःखेन महता<5<विष्टो नोवाचाप्रियमण्वपि,संजय कहते हैं--महाराज! आपके पुत्रद्वारा वाग्बाणोंसे अत्यन्त विद्ध होकर महामना भीष्मको महान् दुःख हुआ; तथापि उन्होंने उससे कोई किंचिन्मात्र भी अप्रिय वचन नहीं कहा
sañjaya uvāca | vāk-śalyais tava putreṇa so 'tividdho mahāmanāḥ | duḥkhena mahatāviṣṭo novācāpriyam aṇv api ||
سنجے نے کہا—اے مہاراج! آپ کے بیٹے کے کلامی تیروں سے بار بار چھلنی ہو کر عالی ہمت بھیشم پر بڑا دکھ چھا گیا؛ پھر بھی اس نے اس سے ذرّہ بھر بھی ناخوشگوار بات نہ کہی۔
संजय उवाच