अश्वमेधावसानम् — Dakṣiṇā-vibhāga and Avabhṛtha
Completion of the Aśvamedha
एते चान्ये च बहव: सिद्धि परमिकां गता: । नृपाः सत्यैश्न दानैश्व न्यायलब्धैस्तपोधना:,विश्वामित्र, असित, राजा जनक, कक्षसेन, आर्टिषिण और भूपाल सिन्धुद्वीप--ये तथा अन्य बहुत-से राजा तथा तपस्वी न्यायोपार्जित धनके दान और सत्यभाषणद्धारा परम सिद्धिको प्राप्त हुए हैं
وَیشَمپایَن نے کہا—اے تپودھن! یہ اور بہت سے دوسرے بادشاہ سچائی اور نیک طریقے سے حاصل کیے ہوئے مال کے دان کے ذریعے اعلیٰ ترین سِدّھی کو پہنچے۔
वैशम्पायन उवाच