नक्षत्रेषु श्राद्धफलविधानम् (Śrāddha Outcomes According to Nakṣatras)
स सेनापतिरेवाथ बभौ स्कन्द: प्रतापवान् | ईशो गोप्ता च देवानां प्रियकृच्छड्करस्य च,प्रतापी स्कन्द सेनापतिके ही पदपर रहकर बड़ी शोभा पाने लगे। वे देवताओंके ईश्वर तथा संरक्षक थे और भगवान् शंकरका सदा ही हित किया करते थे
sa senāpatir evātha babhau skandaḥ pratāpavān | īśo goptā ca devānāṁ priyakṛc chaṅkarasya ca ||
پھر پرتابی اسکند (سکند) اسی سپہ سالاری کے منصب پر درخشاں ہوا۔ وہ دیوتاؤں کا حاکم اور نگہبان بنا اور شَنکر کے لیے ہمیشہ پسندیدہ کارنامے انجام دیتا رہا۔
भीष्म उवाच