नक्षत्रेषु श्राद्धफलविधानम् (Śrāddha Outcomes According to Nakṣatras)
ददृशुः कृत्तिकास्तं तु बालमर्कसमद्युतिम् । जातस्नेहाच्च सौहार्दात् पुपुषु: स्तन्यविस्त्रवै:,कृत्तिकाओंने देखा वह बालक अपनी कान्तिसे सूर्यके समान प्रकाशित हो रहा है। इससे उनके हृदयमें स्नेह उमड़ आया और वे सौहार्दवश अपने स्तनोंका दूध पिलाकर उसका पोषण करने लगीं
dadṛśuḥ kṛttikās taṃ tu bālam arka-samad-yutim | jāta-snehāc ca sauhārdāt pupuṣuḥ stanya-vistravaiḥ ||
کِرتِّکاؤں نے اس بچے کو دیکھا جو سورج کی مانند تاباں تھا۔ ان کے دلوں میں محبت جاگ اٹھی، اور مروّت و اُنس کے باعث انہوں نے اپنے سینوں سے دودھ کی دھاریں بہا کر اس کی پرورش کی۔
भीष्म उवाच