कल्मषापहर-कीर्तनम् / Kīrtana for the Removal of Impurity
उमोवाच अपरे स्वल्पविज्ञाना धर्मविद्वेषिणो नरा: । ब्राह्मणान् वेदविदुषो नेच्छन्ति परिसर्पितुम्,पार्वतीने पूछा--भगवन्! दूसरे बहुत-से ऐसे मनुष्य हैं, जो अल्पबुद्धि होनेके कारण धर्मसे द्वेष करते हैं। वेदवेत्ता ब्राह्मणोंके पास नहीं जाना चाहते हैं
اُما نے کہا—اے بھگون! کچھ اور لوگ کم فہمی کے باعث دھرم سے عداوت رکھتے ہیں۔ وہ وید کے جاننے والے برہمنوں کے پاس جانا بھی نہیں چاہتے۔
श्रीमहेश्वर उवाच