Dāna-Śreṣṭhatā: On the Superiority of Giving
Maitreya–Vyāsa Exemplum
दुःखं प्राणपरित्याग: पुरुषाणां महामृधे । जानासि त्वं महाप्राज्ञ प्राणत्यागं सुदुष्करम्,महाप्राज्ञ! आप तो जानते ही हैं कि महा-संग्राममें मनुष्योंके लिये प्राणोंका परित्याग करना कितना दुःखदायक होता है। प्राणोंका त्याग करना अत्यन्त दुष्कर कार्य है
عظیم معرکے میں انسانوں کے لیے جان کا چھوڑ دینا نہایت رنج و الم کا سبب ہے۔ اے مہاپراج्ञ! آپ جانتے ہیں کہ جان دینا انتہائی دشوار ہے۔
युधिछिर उवाच