Gautama–Śakra Saṃvāda: Karma, Loka-bheda, and the Restoration of the Elephant
भीष्म उवाच कर्मभि: पार्थ नानात्वं लोकानां यान्ति मानवा: । पुण्यान् पुण्यकृतो यान्ति पापान् पापकृतो नरा:,भीष्मजीने कहा--कुन्तीनंदन! मनुष्य अपने कर्मोके अनुसार भिन्न-भिन्न लोकोमें जाते हैं। पुण्यकर्म करनेवाले पुण्यलोकोंमें जाते हैं और पापाचारी मनुष्य पापमय लोकोंमें
بھیشم نے کہا—اے پارتھ! انسان اپنے اعمال کے مطابق مختلف عوالم کو جاتے ہیں۔ نیکی کرنے والے نیکی کے عوالم پاتے ہیں اور گناہ کرنے والے گناہ کے عوالم۔
भीष्म उवाच