द्रोण-पार्थ-युद्धम्
Droṇa–Pārtha Strategic Engagement
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ४ ३ श्लोक मिलाकर कुल २७३ “लोक हैं।) छः “+(>9) #प्ट 5४ - चान्द्रवर्ष तीन सौ चौवन दिनोंका होता है और सौरवर्ष तीन सौ पैंसठ दिन पंद्रह घड़ी एवं कुछ पलोंका हुआ करता है। इस हिसाबसे तेरह सौर वर्षोमें चान्द्रवर्षके लगभग पाँच महीने अधिक हो जाते हैं। इन वर्षों यदि छः बार अधिमास पड़ जाय, तो जिस तिथिको पाण्डवोंका वनवास हुआ था, तेरहवें वर्षकी उसी तिथितक तेरह वर्षोंसे पाँच महीने और बारह दिन अधिक हो सकते हैं। पाण्डवोंने सूर्यकी संक्रान्तिके अनुसार वर्षकी गणना की थी; अतः उन्होंने अधिमास आदिके कारण बढ़े हुए महीनों और दिनोंकी संख्याको अलग नहीं माना। इसीलिये उनकी गणनामें तेरह ही वर्ष हुए। भीष्मजीने चान्द्रवर्षकी गणनाका आश्रय लेकर बढ़े हुए महीनों और दिनोंको भी गणनामें ले लिया। अतः उनके हिसाबसे उस दिनतक तेरह वर्ष पूर्ण होकर पाँच मास बारह दिन अधिक हुए। यह कालभेद सौर और चान्द्रवर्षोकी गणनाके भेदसे ही हुआ है। वास्तवमें सूर्यकी संक्रान्तिके हिसाबसे उस समयतक पाण्डवोंके तेरह वर्ष छ: दिन हो चुके थे। चान्द्रवर्षकी गणनाके अनुसार वही समय तेरह वर्ष पाँच माह बारह दिनका हो गया। त्रिपञज्चाशत्तमो<्ध्याय: अर्जुनका दुर्योधनकी सेनापर आक्रमण करके गौओंको लौटा लेना वैशम्पायन उवाच तथा व्यूढेष्वनीकेषु कौरवेयेषु भारत । उपायादर्जुनस्तूर्ण रथघोषेण नादयन्
vaiśampāyana uvāca | tathā vyūḍheṣv anīkeṣu kauraveyeṣu bhārata | upāyād arjunas tūrṇaṁ rathaghoṣeṇa nādayan ||
ไวศัมปายนะกล่าวว่า: โอ ภารตะ ครั้นกองทัพเการวะจัดกระบวนยุทธ์เป็นขบวนแน่นหนาแล้ว อรชุนก็เร่งรุดเข้าประชิด ให้เสียงกัมปนาทแห่งรถศึกก้องกังวานไปทั่วทุกทิศ—เป็นสัญญาณแห่งการลงมืออย่างเด็ดขาดเพื่อพิทักษ์สิ่งที่ถูกยึดไปโดยอธรรม
वैशम्पायन उवाच
When injustice is organized and emboldened (armies drawn up), dharma may require swift, disciplined action to protect what is rightfully held and to restrain wrongdoing—strength used as a guardian of order, not as mere aggression.
The Kaurava forces have formed their battle arrays; in response, Arjuna rapidly advances, his chariot’s roar announcing the onset of confrontation (in this episode, connected with the Kauravas’ seizure of cattle and Arjuna’s move to recover them).