Arjuna’s Approach, Drona’s Recognition, and the Turning of the Cattle (अर्जुनागमनम्, द्रोणवाक्यम्, गोगमनिवृत्तिः)
रथादतिरयथं शूरं सर्वशस्त्रभृतां वरम् । विवशं पार्थमादास्ये गरुत्मानिव पन्नगम्,जो रथियोंसे भी बढ़कर अतिरथी, सम्पूर्ण शस्त्र-धारियोंमें श्रेष्ठ और शूरवीर है, उस कुन्तीपुत्रको आज मैं युद्धमें विवश करके उसी प्रकार दबोच लूँगा, जैसे गरुड़ साँपको पकड़ लेता है
ปารถะผู้นั้นเป็นยอดวีรบุรุษ เป็นอธิรถีเหนือกว่ารถีทั้งปวง และเป็นเลิศในหมู่นักรบผู้ถือศัสตรา—วันนี้เราจะทำให้เขาจนมุมในสนามรบ แล้วตะครุบไว้ดุจครุฑคว้าพญานาค
कर्ण उवाच