कृपकर्णसंवादः
Kṛpa’s Counsel to Karṇa on Deśa-Kāla and Coordinated Strategy
पुरा शक्रेण मे दत्तं युध्यतो दानवर्षभै: । किरीटं मुर्श्नि सूर्याभं तेनाहुर्मा किरीटिनम्,पूर्वकालमें बड़े-बड़े दानव वीरोंके साथ युद्ध करते समय देवराज इन्द्रने मेरे मस्तकपर सूर्यके समान प्रकाशित होनेवाला किरीट रख दिया था; इसीलिये मुझे “किरीटी” कहते हैं
กาลก่อน เมื่อเรารบกับเหล่าวีรบุรุษอสูรผู้ยิ่งใหญ่ พระอินทร์จอมเทพได้สวมมงกุฎอันส่องประกายดุจดวงอาทิตย์ไว้บนเศียรของเรา; ด้วยเหตุนั้นเราจึงได้ชื่อว่า ‘กิรีฏี’ ผู้ทรงมงกุฎ
अर्जुन उवाच