Udyoga Parva Adhyāya 92: Kṛṣṇasya sabhāpraveśaḥ
Krishna’s Entry into the Royal Assembly
सेयमापन्महाघोरा कुरुष्वेव समुत्थिता । कर्णदुर्योधनकृता सर्वे होते तदन््वया:,यह अत्यन्त भयंकर आपत्ति कर्ण और दुर्योधनद्वारा ही उपस्थित की गयी है; क्योंकि ये सभी नरेश इन्हीं दोनोंका अनुसरण करते हैं। अतः इस विपत्तिका प्रादुर्भाव कौरवपक्षमें ही हुआ है
วิกฤตอันน่าสะพรึงกลัวนี้บังเกิดขึ้นในหมู่กุรุเอง; กรรณะและทุรโยธนะเป็นผู้ก่อให้เกิดขึ้น เพราะบรรดากษัตริย์เหล่านี้ล้วนดำเนินตามสองผู้นั้น
(वैशग्पायन उवाच