उद्योगपर्व — धृतराष्ट्रस्य दुर्योधनप्रति शक्तिस्मारक-उपदेशः
Udyoga Parva 63: Dhṛtarāṣṭra’s Counsel Reminding Duryodhana of Opponent Strength
ततः किरातास्तद् दृष्टवा प्रार्थयन्तो महीपते । विनेशुर्विषमे तस्मिन् ससर्पे गिरिगह्दरे,महाराज! उस समय उस मधुका अद्भुत गुण सुनकर और उसे प्रत्यक्ष देखकर भीलोंने उसे पानेकी चेष्टा की; परंतु सर्पोंसे भरी हुई उस दुर्गम पर्वतगुहामें जाकर वे सब-के-सब नष्ट हो गये
ครั้นแล้ว ข้าแต่มหีปติ! เหล่ากิราตะ (พวกภีล) ครั้นเห็นมันและปรารถนาจะได้มา ก็พากันเข้าไปในโพรงภูผาอันกันดารซึ่งเต็มไปด้วยอสรพิษ; และที่นั่นเองพวกเขาทั้งหมดก็พินาศสิ้น
विदुर उवाच