किमिदानीं करिष्यावो मूढौ कन्यामिमां प्रति । शिखण्डी किल पुत्रस्ते कन््येति परिशड्कित:,“इस समय हम दोनों क्या करें? इस कन्याके प्रश्नको लेकर हमलोग किंकर्तव्यविमूढ़ हो रहे हैं। सम्बन्धीके मनमें यह शंका दृढ़मूल हो गयी है कि तुम्हारा पुत्र शिखण्डी वास्तवमें कन्या है
บัดนี้เราทั้งสองจะทำอย่างไรเล่า? ด้วยเรื่องนางกัญญานี้ เราทั้งคู่ถึงกับมืดมนไม่รู้ทาง และในใจเขาก็ฝังแน่นด้วยความระแวงว่า บุตรของเจ้า ‘ศิขัณฑี’ แท้จริงเป็นหญิง
भीष्म उवाच