भीष्मद्रोणयोर्दुर्योधनं प्रति शमोपदेशः | Bhīṣma and Droṇa’s Counsel of Conciliation to Duryodhana
वैशम्पायन उवाच अभिवाद्याथ तां कृष्ण: कृत्वा चापि प्रदक्षिणम् । निश्चक्राम महाबाहु: सिंहखेलगतिस्ततः,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! तदनन्तर महाबाहु श्रीकृष्णने कुन्तीदेवीको प्रणाम करके उनकी परिक्रमा भी की और फिर सिंहके समान मस्तानी चालसे वहाँसे निकल गये
ไวศัมปายนะกล่าวว่า—“โอ้ชนเมชยะ! ครั้นแล้ว พระกฤษณะผู้มีพาหาอันเกรียงไกรได้ถวายบังคมแด่เทวีคุนตี กระทำประทักษิณา แล้วจึงก้าวออกไปจากที่นั้นด้วยลีลาผึ่งผายดุจราชสีห์”
वैशम्पायन उवाच