Yuddha-yajña-vyākhyāna (The Battle as Sacrifice): Ambarīṣa–Indra Saṃvāda
अम्बरीष उवाच कानि यज्ञे हवींष्यस्मिन् किमाज्यं का च दक्षिणा । ऋषच्विजजश्षात्र के प्रोक्तास्तन्मे ब्रूहि शतक्रतो,अम्बरीषने पूछा--शतक्रतो! इस रणयज्ञमें कौन-सा हविष्य है? क्या घृत है? कौन- सी दक्षिणा है और इसमें कौन-कौन-से ऋत्विज् बताये गये हैं? यह मुझसे कहिये
อัมพรีษะทูลถามว่า “ข้าแต่ศตกรตุ! ในยัญพิธีแห่งศึกนี้ เครื่องบูชาคือสิ่งใด? เนยใสคือสิ่งใด? ทักษิณาคือสิ่งใด? และฤตวิชผู้ประกอบพิธีมีผู้ใดบ้าง? โปรดบอกแก่ข้าพเจ้า”
अम्बरीष उवाच